सरकंडे ( पिथ) की दो बॉलों (गोलियों) पर समान (बराबर) आवेश है। इन्हें समान लम्बाई की डोरियों (धागे) से एक बिन्दु से लटकाया गया है। संतुलन की अवस्था में इनके बीच की दूसरी $r$ है। दोनों डोरियों को उनकी आधी लम्बाई पर कस कर बाँध दिया जाता है। अब संतुलन की स्थिति में दोनों बॉलों के बीच की दूरी होगा: $V$

115-722

  • [AIPMT 2013]
  • A

    $\left( {\frac{r}{{\sqrt[3]{2}}}} \right)$

  • B

    $\left( {\frac{{2r}}{{\sqrt 3 }}} \right)$

  • C

    $\left( {\frac{{2r}}{3}} \right)$

  • D

    ${\left( {\frac{1}{{\sqrt 2 }}} \right)^2}$

Similar Questions

दो बिन्दु आवेश $ + 3\,\mu C$ एवं $ + 8\,\mu C$ एक दूसरे को $40\,N$ के बल से प्रतिकर्षित करते हैं। यदि $ - 5\,\mu C$ का आवेश प्रत्येक में और जोड़ दिया जाये तो इनके मध्य लगने वाला बल ........$N$ हो जायेगा

दो आवेश $ + 4e$ व $ + e$ को $x$ दूरी पर रखा गया है। एक अन्य आवेश को $ + e$ आवेश से कितनी दूर रखा जाये जिससे वह सन्तुलन में रह सके

कल्पना कीजिये कि एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रान के आवेश में अल्प अन्तर होता है। इनमें से एक $- e$ है और दूसरा $( e +\Delta e )$ है। यदि एक दूसरे से $^{\prime} d ^{\prime}$ दूरी पर रखे हाइड्रोजन के दो परमाणुओं के बीच ( जहाँ $d$ परमाणु के साइज से बहुत अधिक है ) स्थिर वैधुत बल और गुरूत्वीय बल का परिणामी ( नेट) शून्य है तो, $\Delta e$ की कोटि होगी :

(दिया है, हाइड्रोजन का द्रव्यमान $m _{ h }=1.67 \times 10^{-27}$ $kg)$

  • [NEET 2017]

प्रत्येक $2\,\mu C$ के दो आवेश एक दूसरे से $0.5$ मीटर की दूरी पर स्थित हैं। यदि दोनों निर्वात में उपस्थित हों तो उनके मध्य बल........$N$ होगा

तीन बिन्दु आवेश एक समबाहु त्रिभुज के शीर्षों पर रखे गये हैं। केवल स्थिर विद्युतीय बल को कार्यरत मानते हुये